स्कूल की राह बनी आखिरी मंज़िल, तेज रफ्तार ट्रक ने छीना मां-बाप का इकलौता चिराग, मची चीख-पुकार

स्कूल की राह बनी आखिरी मंज़िल

तेज रफ्तार ट्रक ने छीना मां-बाप का इकलौता चिराग, मची चीख-पुकार

 

कथनी_करनी_न्यूज
बाराबंकी। सुबह के करीब आठ बज रहे थे। 13 वर्ष का यशवर्धन रोज की तरह अपनी साइकिल पर सवार होकर सुनहरे सपनों के साथ स्कूल के लिए निकला था। मां ने मुस्कुराकर विदा किया था और पिता की आंखें बेटे को पढ़-लिखकर बड़ा आदमी बनते देखने का ख्वाब बुन रही थीं। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। मालगोदाम रोड पर काल बनकर दौड़ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने मासूम यशवर्धन को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भयानक थी कि उसकी साइकिल के परखच्चे उड़ गए और वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा।
यह दर्दनाक हादसा मंगलवार सुबह नगर कोतवाली क्षेत्र में हुआ। हादसे के बाद बंकी कस्बा के मोहल्ला ओम नगर, नई बस्ती निवासी चंद्रिका प्रसाद तिवारी के घर में ऐसा कोहराम मचा कि सुनने वालों की रूह कांप गई। यशवर्धन अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी मौत की खबर मिलते ही मां बदहवास होकर जमीन पर गिर पड़ीं। बदहवास पिता की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। पूरे मोहल्ले में चूल्हा तक नहीं जला, हर आंख नम है और हर जुबां पर बस एक ही सवाल है कि आखिर इस मासूम का क्या कसूर था?
यशवर्धन कमरिया बाग स्थित किंग जार्ज इंटर कॉलेज में कक्षा आठ का छात्र था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, वह बेहद होनहार और शांत स्वभाव का बालक था। हादसे के तुरंत बाद चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग दौड़े और खून से लथपथ यशवर्धन को पास के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत बेहद नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशें नाकाम रहीं और वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। अस्पताल के गलियारे में जब परिजनों की चीखें गूंजीं, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें भर आईं।

ट्रक छोड़कर भागा चालक, स्कूल में पसरा मातम

हादसे को अंजाम देने के बाद बेरहम चालक ट्रक को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही नगर कोतवाली पुलिस जिला अस्पताल पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और ट्रक को सीज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि फरार चालक की सरगर्मी से तलाश की जा रही है और उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उधर, जैसे ही इस हादसे की खबर किंग जार्ज इंटर कॉलेज पहुंची, वहां मातम पसर गया। साथी छात्र और शिक्षक अपने होनहार साथी की मौत की खबर सुनकर स्तब्ध रह गए। विद्यालय प्रशासन ने तुरंत शोक सभा आयोजित कर आकस्मिक अवकाश घोषित कर दिया।

सड़कों पर दौड़ते ‘यमदूतों’ से जनता में भारी आक्रोश

 

इस दर्दनाक हादसे ने स्थानीय प्रशासन और ट्रैफिक व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि व्यस्त समय में भी भारी और तेज रफ्तार वाहन इन सड़कों पर ‘यमदूत’ बनकर दौड़ते हैं, जिससे आए दिन मासूमों की जान दांव पर लगी रहती है। लोगों ने मांग की है कि रिहायशी इलाकों और स्कूल टाइमिंग के दौरान भारी वाहनों की रफ्तार पर सख्त लगाम कसी जाए, ताकि फिर कभी किसी मां की गोद सूनी न हो और किसी पिता का बुढ़ापे का सहारा न छिने।

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