बाराबंकी में दो दुकानदारों के लाइसेंस निरस्त, 15 को नोटिस
कथनी_करनी_न्यूज
बाराबंकी। खरीफ फसलों की बुवाई और रोपाई के सीजन को देखते हुए जिला प्रशासन खाद की कालाबाजारी और अवैध टैगिंग रोकने के लिए सख्त हो गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने जनपद की सभी तहसीलों में कुल 60 उर्वरक बिक्री केंद्रों पर औचक छापेमारी की। इस बड़ी कार्रवाई से खाद विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है।
जिला कृषि अधिकारी राजित राम की तरफ से जारी विज्ञप्ति में बताया कि तहसील फतेहपुर में मेसर्स वैष्णवी खाद भंडार (इस्माइलपुर) और यादव खाद भंडार (रसूलपुर विशुनपुर) के प्रतिष्ठान निरीक्षण के दौरान कई बार बंद पाए गए। नियमों के उल्लंघन पर इन दोनों विक्रेताओं के उर्वरक बिक्री लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। इसके साथ ही गड़बड़ी मिलने पर जनपद के 15 से अधिक दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जिला कृषि अधिकारी राजित राम ने सर्वाधिक 21 दुकानों पर छापे मारकर 7 सैंपल लिए। रामनगर में वरिष्ठ प्राविधिक सहायक देशराज ने 12 दुकानों पर छापेमारी की और 4 सैंपल भरे। नवाबगंज व हैदरगढ़ में उप कृषि निदेशक उमेश कुमार और जिला कृषि रक्षा अधिकारी विजय कुमार ने संयुक्त रूप से 8-8 दुकानों पर छापे मारकर एक और 3 सैंपल लिए।
सिरौलीगौसपुर व रामसनेहीघाट क्षेत्र में भूमि संरक्षण अधिकारियों ने 6 और 5 दुकानों की जांच की।
कृषि विभाग ने सभी फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपनी दुकानों पर रेट और स्टॉक बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाएं। किसानों को खाद की बिक्री केवल पीओएस मशीन के माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री और जोत के आधार पर ही की जाए।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी केंद्र पर निर्धारित दर से अधिक वसूली, जबरन अन्य उत्पाद बेचने (टैगिंग) या स्टॉक में हेराफेरी की शिकायत मिली, तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सीधे जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।