संदिग्ध अवस्था में फंदे से लटकती मिली युवक की लाश, शव सड़क पर रख हंगामा, पथराव में कोतवाल घायल
कथनी_करनी_न्यूज
बाराबंकी। रामनगर कोतवाली क्षेत्र के कटियारा गांव में सोमवार को एक 20 वर्षीय युवक का शव संदेहास्पद परिस्थितियों में फंदे से लटकता मिला। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद लौटे परिजनों ने विपक्षियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने पर भीड़ उग्र हो गई और पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें कोतवाल अरुण प्रताप सिंह सिर में पत्थर लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में उच्चाधिकारियों के आश्वासन पर मामला शांत हुआ।
कटियारा निवासी कीढ़ीलाल का सबसे छोटा पुत्र जितेन्द्र चौहान (20), जो पॉलिटेक्निक का छात्र था और मजदूरी करता था, सोमवार को घर पर था। सुबह करीब 10 बजे उसके भतीजे अनुराग ने उसे तम्बाकू लाकर दी, जिसके बाद जितेन्द्र बगल में बने नए मकान में चला गया। दोपहर 12 बजे उसने अपनी भाभी से खाने में दाल बनाने को कहा था। इसके ठीक आधे घंटे बाद, दोपहर 12:30 बजे जब भतीजा अनुराग नए मकान में गया, तो जितेन्द्र का शव छत के कुंडे से साड़ी के फंदे के सहारे लटकता देखा तो परिवार में कोहराम मच गया।
मृतक के बड़े भाई हरीश चन्द्र उर्फ सुरेंद्र चौहान ने आरोप लगाया कि सोमवार सुबह कुछ विपक्षी पड़ोसी लाठी-डंडे लेकर उनके घर धमकाने पहुंचे थे। विपक्षियों ने जितेन्द्र पर अपनी पुत्री से बातचीत करने का विरोध किया था और उसे जान से मारने की धमकी दी थी। परिजनों का आरोप है कि इसी विवाद और रंजिश के चलते जितेन्द्र की मौत हुई है।
पुलिस ने सोमवार को शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद जब शव परिजनों को सौंपा गया, तो मुकदमा दर्ज नहीं किए जाने से वे भड़क गए। विपक्षी नामजद लोगों पर तत्काल मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर परिजनों ने शव को सड़क पर रख दिया और हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिस ने जब उन्हें रोकने और यातायात बहाल कराने की कोशिश की, तो गुस्साए लोगों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। इस अचानक हुए हमले में कोतवाल अरुण प्रताप सिंह के सिर में पत्थर लगा और वे लहूलुहान हो गए।
एएसपी उत्तरी के आश्वासन पर हटा जाम








