गलत इंजेक्शन से मजदूर की मौत, क्लीनिक समेटकर झोलाछाप डॉक्टर फरार
June 24, 2026
गलत इंजेक्शन से मजदूर की मौत, क्लीनिक समेटकर झोलाछाप डॉक्टर फरार
कथनी_करनी_न्यूज
बाराबंकी। जहाँगीराबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत कबीरपुर मजरे शहाबपुर गाँव में बुधवार सुबह एक कथित झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज के कारण एक 50 वर्षीय दिहाड़ी मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी डॉक्टर क्लीनिक से दवाइयां और उपकरण समेटकर फरार हो गया। पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
इलाज के दौरान मुँह से निकला झाग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कबीरपुर निवासी रामानंद रावत (50 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय रामचरण की बुधवार सुबह तबीयत (पेट में गड़बड़ी) खराब थी। सुबह करीब 9:30 बजे वह अपनी छोटी बेटी मोहनी के साथ पैदल चलकर पास के बनवा गाँव स्थित ‘बगिया वाले’ डॉक्टर लाल मोहम्मद के क्लीनिक पर पहुँचे थे। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर लाल मोहम्मद ने रामानंद को ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई और उसमें दो इंजेक्शन लगा दिए। इंजेक्शन लगते ही रामानंद की हालत अचानक बिगड़ गई और उनके मुँह से फेना (झाग) आने लगा। कुछ ही मिनटों में उन्होंने क्लीनिक पर ही दम तोड़ दिया।
सबूत समेटकर भागा आरोपी डॉक्टर
मरीज की मौत होते ही क्लीनिक पर हड़कंप मच गया। खुद को फंसता देख आरोपी डॉक्टर लाल मोहम्मद ने इंसानियत को ताक पर रख दिया। वह मृत मजदूर के शव और उसकी मासूम बेटी को वहीं छोड़कर क्लीनिक में रखीं सारी दवाइयां और मेडिकल से जुड़े सबूत समेटकर मौके से फरार हो गया। आरोपी डॉक्टर का क्लीनिक उसके घर के आगे ही स्थित है।
परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था मृतक
मृतक रामानंद रावत पेशे से दिहाड़ी मजदूर थे और मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। वह अपने पीछे तीन पुत्र और दो पुत्रियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। घर के इकलौते कमाऊ सदस्य की इस तरह अचानक हुई मौत से पूरे गाँव में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने आरोपी झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग की है।