पीएम हाउस से चोरी हुए देवरानी-जेठानी की लाश के ज़ेवर
बिट्टो के ईलाज के लिए जेवर जरूरी बताकर परिजनों का शव लेने से इन्कार, पुलिस ने दिया आश्वासन
कथनी_करनी न्यूज
बाराबंकी। फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र में शनिवार की रात ईसेपुर रेलवे क्रासिंग पर ट्रक से कुचल कर देवरानी-जेठानी की मौत के बाद उनके शव से जेवरो की चोरी से परिजनों एक और समस्या में उलझ गए। दोनों मृतकाओ के शव को जेवर समेत सील बंद करके पंचनामे उल्लेख करते भेजे गए थे। इसके बावजूद कीमती जेवर गायब होने पर परिजनों ने शव लें जाने से इंकार कर दिया।
जानकारी के अनुसार सीतापुर जिले के थाना महमूदाबाद क्षेत्र के गॉव रमद्वारी निवासी इंद्रजीत का एक महीने पहले सुचि (18) से विवाह हुआ था। मसौली थाना क्षेत्र के पिपरौली गॉव में रहने वाली इंद्रजीत की मौसी की तबियत ख़राब थी। बीमार मौसी को देखने के लिए इंद्रजीत अपनी बाइक पर पत्नी सुचि, भाभी पिंकी देवी (28) पत्नी सत्य नारायन और तीन वर्षीय भतीजी बिट्टू के संग शनिवार को बाइक पर निकला था। शाम चार बजे फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र में ईसेपुर गॉव स्थित रेलवे क्रॉसिंग खुलने के बाद पीछे से आकर तेज रफ्तार ट्रक बाइक को टक्कर मार कर दोनों देवरानी-जेठानी और बच्ची को कुचलता हुआ फरार हो गया। इस दर्दनाक हादसे में सुचि और पिंकी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बिट्टो को आई गंभीर चोटों के चलते सीएचसी जिला अस्पताल और फिर लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया था।पोस्टमार्टम हाउस परिजन पहुंचे तो उन्हें अंदर नहीं आने दिया। परिजनों के सामने एक और आफत सामने आई। जब उन्हें पता चला कि शवो के जेवर चोरी हो गए है। उन्होंने शव लेंने से इंकार कर दिया। जिसके बाद पुलिस के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई। पुलिस परिजनों ने शव लें जाने की मिन्नते की लेकिन परिजनों का कहना था कि पंचनामा भरते और शव सील किए जाते समय जेवर मांगने पर पुलिस ने ये कह कर रोक दिया कि पंचनामा में जेवरो का विवरण दर्ज किया जा चुका है जो बाद में सुपुर्द कर दिए जाएंगे। लेकिन जेवरो को गायब बताया जा रहा। इस दौरान दोपहर ढाई बजे परिजनों ने एसपी को फोन किया उनका फोन नहीं उठने पर एसपी पीआरओ को अवगत कराया। जिसके बाद पोस्टमार्टम हाउस में हड़कम्प मच गया। आखिरकार पुलिस ने नगर कोतवाली में तहरीर देने पर मुकदमा दर्ज करने के आश्वासन पर परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव लें गए।
जेवर बिट्टो का ईलाज के लिए जरूरी








