अंधेरे से रोशनी की ओर, 14 वर्षीय गोकुल वर्मा का राष्ट्रीय ब्लाइंड क्रिकेट टीम में हुआ चयन
कथनी_करनी न्यूज़
बाराबंकी। प्रतिभा किसी दृष्टि की मोहताज नहीं होती, इस कथन को साकार कर दिखाया है बाराबंकी जनपद के तहसील हैदरगढ़ स्थित जाफरपुर गांव के रहने वाले 14 वर्षीय गोकुल वर्मा, पुत्र बैजनाथ वर्मा, ने। गोकुल वर्मा का चयन उत्तर प्रदेश ब्लाइंड क्रिकेट टीम में बतौर ऑलराउंडर हुआ है। बता दे की नागेश ट्रॉफी ब्लाइंड क्रिकेट टी 20 नेशनल टूनार्मेंट का यह आठवां संस्करण है।
उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड (UPCAB) के अध्यक्ष शौकत अली ने बताया कि इस टूनामेट में देश की 29 राज्यों की टीमें भाग ले रही है। इन 29 टीमों को 6 ग्रुप में विभाजित किया गया है। ग्रुप ए में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, तमिलनाडु, गुजरात और आंधप्रदेश को रखा गया हैं। इस नागेश ट्रॉफी नेशनल ब्लाइंड क्रिकेट टी 20 टूनामेंट के इस आठवे संस्करण के लिए उत्तर प्रदेश के खिलाडियों का चयन कर लिया गया है।
ग्रुप ए के लीग मैच 15 दिसंबर से 19 दिसंबर 2025 तक विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश में आयोजित की गई है।बता दे की गोकुल वर्तमान में कक्षा 9 के छात्र हैं और कानपुर ब्लाइंड स्कूल में अध्ययनरत हैं। क्रिकेट में वह एक ऑलराउंडर के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं, दाएं हाथ के बल्लेबाज़ और दाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ के रूप में उनका प्रदर्शन सराहनीय रहा है।
उन्होंने बताया कि चार वर्ष की आयु में बीमारी के कारण उनकी दृष्टि चली गई थी। जीवन की इस कठिन चुनौती के बावजूद उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी। ब्लाइंड स्कूल में दाख़िले के बाद उन्हें अपने खेल शिक्षक सुनील से ब्लाइंड क्रिकेट के बारे में जानकारी मिली। सुनील के मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और विश्वास ने गोकुल के भीतर छिपी प्रतिभा को निखारा और आज वही प्रशिक्षण उन्हें राष्ट्रीय मंच तक ले आया है। गोकुल की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार और विद्यालय के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे बाराबंकी जनपद और उत्तर प्रदेश के लिए प्रेरणा है। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि सपनों की उड़ान आँखों से नहीं, हौसले से होती है।