एंग्जायटी और मानसिक तनाव के रोगी पहचानना आमजन के बस के बाहर
सभी मानसिक रोगों का उपचार सम्भव – डॉ.नूपुर प्रिया
कथनी_करनी न्यूज़
बाराबंकी। प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में मानसिक तनाव जैसी समस्याओ का सामना करना पड़ता है। शरीर में अनेक ऐसे घटक या द्रव्य बनते है, जिनकी कमी हो जाने पर अलग-अलग प्रकार के मानसिक रोग उत्पन्न हो सकते है
जिला अस्पताल के मनो चिकित्सक कक्ष में तैनात मनो चिकित्सक डॉ नूपुर प्रिया पाण्डेय ने मानसिक रोगो की विस्तार से मनो रोगों के बारे में जानकरी दी। उन्होंने मानसिक रोगो की पहचान और उनके लक्षणाे को बताते हुए कहा कि एंग्जायटी और डिप्रेशन (अवसाद) डोपामिन और सिरोटोटिन की कमी से होती है। एंग्जायटी के लक्षण घबराहट, बेचैनी, चिड़चिड़ापन, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी, तेज धड़कन, थकान, पेट खराब और सांस फूलती है, जो बढ़ने पर डिसऑर्डर बन जाती है।
डिप्रेशन (अवसाद) लगातार उदासी, निराशा, आत्महत्या का विचार आना, ऊर्जा की कमी, नींद ज्यादा या कम होना जैसी कई समस्याएं शामिल है। बताया की किसी किसी में एंग्जायटी और अवसाद दोनों हो सकते है।
उन्होने बताया कि तीन तरह के लोग होते है। जिनमें ए कलस्टर में ऐसे लोग आते है जो दुनिया से अलग होते है। जैसे साधू या बाबा जैसे लोग ऐसे लोग किसी की भावनाओं, अपेक्षा या कष्ट के प्रति संवेदनहीन होते है। इनकी पैराडाइस पर्सनालिटी होती है। स्वभाव से चिढ़ना के साथ शक्की होते है, इनमे इस्कीजोफिलिया जैसी शक की बीमारी से ग्रस्त होते है।
दूसरा बी कलस्टर इस श्रेणी में डिप्रेशन वाले मानसिक रोगी होते है, जो क्रिमिनल माइनडेड और दूसरों का अधिकार हनन करने वाले होते है, इनमे नशा करने की प्रवृत्ति पाई जाती है। इनमे सी और ए से ज्यादा डिप्रेशन पाया जाता है।
मनोचिकित्सक ने तीसरे (सी) कलस्टर के बारे बताया कि खुद से कुछ नहीं करना, लड़ना-झगड़ना और काम से परहेज करना इनके मानसिक रोगी होने की पहचान में शामिल है।


