बिना डॉक्टर के चल रहे थे बाराबंकी के 3 अस्पताल, मरीजों की जान से खिलवाड़; स्वास्थ्य विभाग का नोटिस

बिना डॉक्टर के चल रहे थे बाराबंकी के 3 अस्पताल, मरीजों की जान से खिलवाड़; स्वास्थ्य विभाग का नोटिस

 

कथनी_करनी_न्यूज
बाराबंकी। जनपद में अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों के मकड़जाल पर अंकुश लगाने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई की गई है। सिद्धौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक और फायर ब्रिगेड की संयुक्त टीम ने गुरुवार को क्षेत्र के कई निजी अस्पतालों में औचक छापेमारी की। इस दौरान बिना डॉक्टरों और प्रशिक्षित स्टाफ के मरीजों का इलाज किए जाने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। टीम ने गंभीर खामियां पाए जाने पर तीन अस्पतालों को नोटिस जारी कर तलब किया है।
छापेमारी के दौरान आर्यन पॉली क्लीनिक में हड़कंप मच गया। जांच में अस्पताल के भीतर साफ-सफाई अत्यंत असंतोषजनक मिली। मौके पर कोई भी योग्य डॉक्टर या प्रशिक्षित स्टाफ मौजूद नहीं था। मरीजों के बेड हेड टिकट पर किसी डॉक्टर के हस्ताक्षर नहीं थे, जिससे यह भी साफ नहीं हो सका कि मरीजों का इलाज कौन कर रहा था।
अस्पताल में रामकुमारी (62, बरहेटापुरवा बीबीपुर), किरन (35), अमीनपुरवा बीबीपुर और नूरआलम (19), भोरई कोठी यहां भर्ती पाए गए। सुरक्षा में चूक: अस्पताल में बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के नियमों का उल्लंघन हो रहा था। आपातकालीन द्वार और धुआं संवेदक यंत्र गायब थे, जबकि अग्निशमन यंत्र एक्सपायर हो चुके थे।
इस सेंटर पर एक्स-रे मशीन तो चालू मिली, लेकिन उसे चलाने के लिए कोई एक्स-रे या लैब टेक्नीशियन मौजूद नहीं था। अप्रशिक्षित लोग ही मरीजों की जांच और इलाज कर रहे थे। यहां तक कि जांच रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने वाले अधिकृत डॉक्टर भी गायब थे। इस केंद्र पर भी बायो-मेडिकल वेस्ट के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं और फायर सेफ्टी उपकरण एक्सपायर हो चुके थे।
रजिस्ट्रेशन के कागज तक नहीं मिलेऔचक निरीक्षण के दौरान आर.एम. हॉस्पिटल प्रबंधन टीम को अस्पताल के पंजीकरण और स्टाफ से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या अभिलेख उपलब्ध नहीं करा सका। अस्पताल में कुल 5 बेड चालू हालत में मिले, जिसमें से एक बेड पर मरीज को ड्रिप चढ़ाई जा रही थी। यहां भी फायर सेफ्टी और बायो-मेडिकल वेस्ट के मानकों का पालन नहीं हो रहा था।
सिद्धौर सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि इन अस्पतालों में मरीजों की जान के साथ सीधे तौर पर खिलवाड़ किया जा रहा था। सभी कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश देते हुए, अस्पताल संचालकों को अपने संपूर्ण वैध अभिलेखों और दस्तावेजों के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिद्धौर पर तलब किया गया है। मानक पूरे न होने पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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