28 जून से नहरों में पूरी क्षमता से दौड़ेगा पानी – सिंचाई अभियंता नहरों के खराब गेट बदले जाने का काम जल्द पूरा होगा – राजीव सिंह
June 26, 2026
28 जून से नहरों में पूरी क्षमता से दौड़ेगा पानी – सिंचाई अभियंता
नहरों के खराब गेट बदले जाने का काम जल्द पूरा होगा – राजीव सिंह
कथनी_करनी_न्यूज
बाराबंकी। जनपद में खरीफ और रबी फसलों की बेहतर सिंचाई व्यवस्था को लेकर सिंचाई विभाग ने कमर कस ली है। जिला सिंचाई अभियंता राजीव कुमार सिंह ने बताया कि बरसात शुरू होने से ठीक पहले सभी प्रमुख नहरों और माइनरों की सिल्ट (गाद) सफाई का काम पूरी तरह संपन्न कर लिया गया है। इसके साथ ही, क्षतिग्रस्त हो चुके नहरों के गेटों को बदलने का काम भी यांत्रिक संगठन की देखरेख में युद्ध स्तर पर जारी है, ताकि पानी के सुचारू प्रवाह में कोई बाधा न आए। सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में माइनर मिलाकर कुल 301 नहरें संचालित हैं। इन नहरों के माध्यम से विभाग रबी सीजन में 1 लाख 30 हजार हेक्टेयर और खरीफ सीजन में 1 लाख 21 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि पर सिंचाई की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित करता है। वर्तमान में स्थानीय किसानों की मांग और फसलों की जरूरत के हिसाब से ही नहरों में पानी की आपूर्ति की जा रही है।
28 से 30 जून के बीच पूरी क्षमता से चलेंगी मुख्य नहरें
जिला सिंचाई अभियंता ने नहरों के संचालन शेड्यूल की जानकारी देते हुए बताया कि हैदरगढ़, बरौली, गदिया, इंदिरा नहर, शारदा सहायक नहर, दरियाबाद और बाराबंकी फीडर में आगामी 15 जून से पानी छोड़ने का सिलसिला चरणबद्ध तरीके से शुरू कर दिया गया है। विभाग का लक्ष्य है कि 28 जून से 30 जून के भीतर इन सभी मुख्य फीडरों और नहरों को उनकी पूरी क्षमता (Full Capacity) के साथ चालू कर दिया जाए, जिससे टेल (अंतिम छोर) तक के किसानों के खेतों को पर्याप्त पानी मिल सके।
यांत्रिक संगठन की निगरानी में पूरा होगा नहरों में गेट लगानें का कार्य
अक्सर नहरों के गेट क्षतिग्रस्त होने की वजह से पानी ओवरफ्लो होने या अंतिम छोर तक न पहुंचने की शिकायतें आती थीं। इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए यांत्रिक संगठन की तकनीकी देखरेख में नए गेट लगाने का काम शुरू हो गया है। अधिकारियों का दावा है कि ये नए गेट जल्द ही पूरी तरह स्थापित हो जाएंगे, जिससे जल भंडारण और वितरण की प्रणाली और अधिक मजबूत होगी।