मुस्लिम समाज के सपा को वोट देने से भाजपा हुई मजबूत – अजय गौतम बसपा में शामिल हुए शान मोहम्मद ‘शानू’, बसपा सुपीमों से बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने कराई मुलाकात
June 16, 2026
मुस्लिम समाज के सपा को वोट देने से भाजपा हुई मजबूत – अजय गौतम
बसपा में शामिल हुए शान मोहम्मद ‘शानू’, बसपा सुपीमों से बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने कराई मुलाकात
कथनी_करनी_न्यूज
बाराबंकी। दरियाबाद विधानसभा के प्रमुख मुस्लिम नेता शान मोहम्मद शानू ने बहुजन समाज पार्टी का दामन थाम लिया। मंगलवार को बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल और अयोध्या मंडल के मुख्य मंडल प्रभारी अजय गौतम ने बसपा सुप्रीमों से मुलाकात कराकर उनकी ज्वाइनिंग कराई। बसपा में शामिल होने के बाद ग्राम खमौली निवासी युवा नेता शान मोहम्मद शानू ने कहा, बसपा सुप्रीमों मायावती को करीब से देखने का मौका मिला। पूर्व सीएम मायावती आम लोगों की तरह साधारण महिला है। पार्टी की पॉलिसी और बसपा सुप्रीमों मायावती के विज़न को देखकर पार्टी मे शामिल हो रहा हूं। हम लोग बहुजन समाज पार्टी के जरिए सर्वधर्म समाज की सेवा कर सके इस उद्देश्य से बसपा मे शामिल हो रहे हैं। इस मौके पर मुख्य मंडल प्रभारी अयोध्या अजय गौतम ने कहा मुस्लिम समाज पहले भी बहुजन समाज पार्टी का समर्थक रहा है। मुसलमान हमेशा उस राजनीतिक दल के साथ रहा है, जो भारतीय जनता पार्टी को हराने की क्षमता रखता हो। आगामी विधानसभा चुनाव में मुस्लिम समाज ने बसपा पर अपना विश्वास जताया है। वह चाहता है कि मायावती पांचवी बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बने। अजय गौतम ने कहा कि बीते कई चुनाव में मुस्लिम समाज ने तन, मन और धन से सपा का साथ दिया, लेकिन बीजेपी सत्ता में वापस लौटी। इसके विपरीत, बसपा को जब मुस्लिम समाज का सीमित समर्थन मिला था, तब भी 2007 में हम बहुमत की सरकार बनाने में सफल रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा और कांग्रेस दोनों ‘दलित-विरोधी, पिछड़ा-विरोधी और मुस्लिम-विरोधी’ राजनीति करती रही हैं। इन पार्टियों की गलत नीतियों और अवसरवादी राजनीति ने ही बीजेपी को उत्तर प्रदेश में मजबूत किया। जबकि बसपा सरकार ने मुसलमानों को सुरक्षा, सम्मान और प्रतिनिधित्व दिया। बसपा सरकार ने मुस्लिम समाज के जीवन, संपत्ति और आस्था की रक्षा की। उत्तर प्रदेश को भय और अराजकता से मुक्त किया। उन्होंने कहा कि बसपा का मिशन सिर्फ सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, मुसलमानों और अन्य वंचित वर्गों को राजनीतिक सशक्तिकरण के माध्यम से सम्मानजनक जीवन दिलाना है।