जनगणना की ड्यूटी करने वालों पर लटकी तबादले की तलवार
कथनी_करनी_न्यूज
बाराबंकी। 22 मई से शुरू हो रही जनगणना को लेकर सरकार गंभीर नजर आ रही है। जिला स्तर पर नियुक्त किए गए हजारों कार्मिकों के संभावित तबादले होने की दशा में इस कार्य में व्यवधान की स्थिति बन सकती है, क्योंकि तबादला सत्र की अंतिम तिथि मई माह में ही निर्धारित है।
आगामी 22 मई से शुरू होने वाली जनगणना अधिनियम 1948 और जनगणना नियम 1990 के तहत नियुक्त किए गए क्रमिकों को सुचारु रूप से अपनी ड्यूटी निभानी होंगी। उन्हें घर-घर जाकर एकत्र की जगई वाली जानकारी को मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से एकत्रित करना है। ड्यूटी के दौरान कर्मियों को अपना नियुक्त-पत्र व पहचान-पत्र हमेशा साथ में रखना होगा।
150 से 160 मकानों या परिवारों पर एक प्रगणक तथा छह प्रगणक पर एक सुपरवाइजर और उसके ऊपर तहसील अधिकारी होते है। इस प्रकार जिले में हजारों की संख्या में कार्मिक लगाए गए है। जिनमें शिक्षक, लेखपाल, सींचपाल, ग्राम सचिव, अमीन और अन्य सरकारी कर्मचारी शामिल है, जिन्हे इस काम के लिए उचित मानदेय दिया जाएगा। आगामी 31 मार्च 2027 की रात 12 बजे आखिरी जनगणना के साथ समापन होगा।
तबादलो पर रोक
जनगणना बिना किसी व्यवधान के जारी रहे इस बात को लेकर केंद्र सरकार गंभीर है। केंद्रीय गृह सचिव नें देश के सभी राज्याे के मुख्य सचिवों को बीती 11 मार्च को पत्र भेज कर स्पष्ट निर्देश दिया है कि जनगणना कार्य में लगे कार्मिकों (प्रगणक, पर्यवेक्षक और मास्टर ट्रेनर) का आगामी 31 मार्च 2027 तक तबदला ना किया जाए।








