राजस्व विभाग से तंग आकर जिन्दा समाधि में बैठे महंत

राजस्व विभाग से तंग आकर जिन्दा समाधि में बैठे महंत

स्टाम्प पर 45 दिनों का एसडीएम नें दिया आश्वासन, सीओ नें पानी पिलाकर समाप्त कराया महंत मुकुंद पुरी का अनशन, अलग-अलग जगह से पंहुचे अनेक संत-महंत

कथनी_करनी न्यूज
बाराबंकी। तहसील रामसनेहीघाट क्षेत्र के भवनियापुर गॉव में स्थित श्रीराम जानकी मठ के महंत के जिन्दा समाधि में बैठनें से राजस्व और पुलिस प्रशासन के हाथ पाँव फूल गए। इस दौरान अलग-अलग क्षेत्रो से पहुंचे महंतो नें तहसील प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रकट करते हुए मठ की जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग की गई। कई घंटे की जद्दोजहद के बाद उपजिलाधिकारी नें स्टाम्प पर लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद महंत को क्षेत्राधिकारी नें पानी पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया।
जानकारी के अनुसार रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र में भवनियापुर गॉव स्थित श्रीराम-जानकी मठ की भूमि पर एक बहरूपिया नें अपंजीकृत वसीयत के जरिये पूरी संपत्ति को अपने नाम करवा लिया था।
मामले की जानकारी होने पर अपना विरोध जताते हुए महंत मुकुंद पुरी नें जिन्दा समाधि की घोषणा की तब तहसील प्रशासन नें बीती 24 अगस्त 2023 को अपंजीकृत वसीयत को निरस्त करके मूल खातेदार के नाम संपत्ति दर्ज कराने के आदेश देते हुए 45 दिनों के अंदर मठ से जूड़े सभी मामलों के निस्तारण का आश्वासन दिया गया था।
ढाई वर्षो तक मामला लटका रहने से छुब्ध होकर मठ के महंत मुकुंद पुरी नें सोमवार को घोषणा की थी की मंगलवार की भोर जिन्दा समाधि लेंगे। उनकी घोषणा सुनकर तहसील प्रशासन नायब तहसीलदार उमेश द्विवेदी पुलिस महकमे के साथ पहुंचे और उनसे बात करने के बाद मात्र एक गाटा की पैमाइश करने का फैसला सुनाया, जिस पर महंत राजी नहीं हुए।
सोमवार को एसडीएम अनुराग सिंह और क्षेत्राधिकारी जटाशंकर मिश्रा पहुंचे लेकिन बातचीत से कोई हल नहीं निकला। तहसील प्रशासन की हीलाहवाली से छुब्ध होकर महंत मुकुंद का मंगलवार को समाधि लेने का अटल निर्णय सुनकर आसपास के जिलों नें नागा बाबा, साधू, संत और महंतो का रात से जमावड़ा लगने लगा। जिसके बाद मठ परिसर में महंत नें गड्ढा खुदवा कर मंगलवार की भोर पुरी तैयारी के साथ जिन्दा समाधि में बैठ गए। थानापति महंत मुकुंद पुरी के समाधि में बैठने की चर्चा सुनकर मौके पर पहुंचे एसडीएम और सीओ नें उनसे बाहर आने की विनती की लेकिन उनका अटल निर्णय डिगाने में असफल रहे। आखिरकार मंगलवार की दोपहर एसडीएम नें जब स्टाम्प पर 45 दिनों में मामले का निस्तारण कराकर मठ की पुरी भूमि की बैरीगेटिंग कराने का आश्वासन दिया गया, तब महंत बाहर आए सीओ नें पानी पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया। जिसके बाद लोगो नें जयकारे लगाकर महंत का अभिनंदन किया।

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