तम्बाकू उत्पादों की चरम पर कालाबाजारी, तंग हालत में कट व्यापारी

तम्बाकू उत्पादों की चरम पर कालाबाजारी, तंग हालत में कट व्यापारी

 

एजेंसी और डिस्ट्रीब्यूटर के साख पर बट्टा लगा रहे कट माल विक्रेता

 

कथनी_करनी न्यूज
बाराबंकी। तम्बाकू उत्पादों पर बीते फरवरी माह में केंद्र सरकार नें कड़े नियम लागू किए थे। इससे जुड़े उत्पादों पर भारी जीएसटी लगाने के साथ फैक्ट्रीरियों पर निगरानी बढ़ा दी। सरकार की निगरानी बढ़ने के बाद उत्पादन में भारी गिरावट के चलते शुरू हुई कालाबाजारी नें ग्राहकों की जेबो पर डाका पड़ने लगा है।
बता दे कि तम्बाकू से जुड़े गुटखा और सिगरेट जैसे उत्पाद को बड़ी आबादी उपयोग सेवन करती है। सरकार नें तम्बाकू से होने वाले जानलेवा रोगों को ध्यान में रखते हुए लगातार चेतावनी जारी करके इसका उपयोग नहीं किए जाने का संदेश दिया जाता रहा है। सरकार नें जानलेवा तम्बाकू उत्पादों पर बीते फरवरी माह में जीएसटी बढ़ाए जाने के बाद सभी तम्बाकू उत्पाद महंगे हो गए। सरकार नें टैक्स चोरी रोकने के लिए सभी फैक्ट्रीरियों पर निगरानी शुरू कर दी। जिसके बाद, चोरी से चलने वाली मशीने के ठप होने से बाजार में माल की शार्टेज बनी और कालाबाजारी शुरू हो गई। सेंडर मनमाने दामों पर माल सप्लाई करने लगे, तो नतीजा एमआरपी से अधिक मूल्य के ऊपर थोक बाजार में माल बेचा जाने लगा और फुटकर रेट लगभग डेढ़ गुना जा पहुंचे। फुटकर दुकानदार जुगाड़ करके माल खरीदने के बाद 25 प्रतिशत तक मुनाफा कमाने लगे। दूसरी तरफ कट माल बेचनें वाले ठगी पर आमादा हो गए। अभी तक फैक्ट्रियों के पीछे के रास्ते से बिना टैक्स निकलने वाला माल बेचकर करोड़पति बन चुके कट माल के व्यापारी तंगी के दौर से गुजर रहे है। उदाहरण के तौर पर 148 रूपये का सामान खरीदने वालें ग्राहक से छुट्टा पैसो की कमी बताकर 150 रूपये वसूल रहे है। जिसका असर सीधे आम ग्राहक की गाढ़ी कमाई पर दिखने लगा है। परेशान ग्राहकों नें अब आवाज उठाने का फैसला करते हुए नवागत उपजिलाधिकारी गुंजिता अग्रवाल से सोमवार को शिकायत करने का निर्णय किया है।

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