टोल प्लाजा पर साथी की पिटाई से आक्रोशित अधिवक्ताओ का प्रदर्शन
गुंडागर्दी करने वाले तीन टोल कर्मी गिरफ्तार, शान्ति व्यवस्था कायम : एसपी
अधिवक्ताओ से बचा कर भेजे गए जेल
कथनी_करनी न्यूज़
बाराबंकी। हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र में लखनऊ सुल्तानपुर हाईवे स्थित बारा टोल प्लाजा पर बुधवार को साथी की पिटाई से अधिवक्ताओ में आक्रोश मच गया। बृहस्पतिवार को सैकड़ो अधिवक्ताओ ने टोल प्लाजा पर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने तीन टोल कार्मियों को हिरासत में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
बता दे कि बीते दिन बुधवार को प्रयागराज हाईकोर्ट के अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला अपनी कार से लखनऊ जा रहे थे। इस दौरान टोल प्लाजा पर फ़ास्टैग बैलेंस होने के चलते टोल कर्मियों से शुरू हुई बहस ने विवाद का रुप लें लिए और जिसके बाद टोल कर्मियों ने उनकी जमकर पिटाई कर दी। इस पिटाई का वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद हर कोई टोल कर्मियों की भर्तसना करता नजर आ रहा था। साथी की पिटाई से अधिवक्ताओ समाज में आक्रोश व्याप्त हो गया। टोल कर्मियों के खिलाफ हैदरगढ़ तहसील के प्रतापगढ़ जिले से सैकड़ो अधिवक्ताओ ने एकजुट होकर टोल प्लाजा पहुंच गए मौके की नजाकत को देखते हुए टोल कर्मी ड्यूटी छोड़ भाग निकले। टोलकर्मियों के मौके से नदारद मिलने अधिवक्ताओ ने प्रदर्शन के साथ नारेबाज़ी शुरू कर दी। इस दौरान किसान यूनियन के कार्यकर्ता भी पदाधिकारियों के संग अधिवक्ताओ के समर्थन में आ गए। जिसके बाद उग्र भीड़ ने टोल बैरियर उखाड़ते हुए हाईवे को टोल फ्री कर दिया। घंटो चले इस प्रदर्शन के बीच हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा।
पुलिस ने चुपके से भेजा जेल
गिरफ्तार किए गए टोल प्लाजा के तीन कर्मियों को पुलिस ने मेडिकल कराया जिसके बाद नाराज अधिवक्ताओ से बचाते हुए एम्बुलेंस से जेल रवाना कर दिया।
स्थिति नियंत्रण में तीन गिरफ्तार
हंगामें की सूचना मिलते ही एसडीएम और क्षेत्राधिकारी ने अधिवक्ताओ से बातचीत की। अधिवक्ताओ की तहरीर पर चार नामजद और 10 अज्ञात टोलकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
अर्पित विजयवर्गीय
पुलिस अधीक्षक, बाराबंकी।


