सच्चे समाजवादी विचारक और कर्मयोगी थे जितेन्द्र पाण्डे: राजनाथ
गांधी भवन में आयोजित हुई स्व. जितेन्द्र पाण्डेय शैलानी की स्मृति सभा
कथनी_करनी न्यूज़
बाराबंकी। लोकतंत्र रक्षक सेनानी एवं समाजवादी अध्येता जितेन्द्र पाण्डेय शैलानी की स्मृति सभा का आयोजन गांधी भवन में किया गया। इस मौके पर उनके चित्र पर मार्ल्यापण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सभा की अध्यक्षता कर रहे गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं समाजवादी चिन्तक राजनाथ शर्मा ने कहा कि वे एक सच्चे समाजवादी विचारक और कर्मयोगी थे। समाजवादी आन्दोलन और जनांदोलनों के साथ मिलकर करीब 6 दशकों तक निरंतर सक्रिय रहे। इन वर्षों में वह अन्याय, शोषण और ना बराबरी के खिलाफ संघर्ष करते रहे। डॉ. राममनोहर लोहिया, मधु लिमए, जॉर्ज फर्नांडिस और रघु ठाकुर के विचारों से प्रभावित होकर जितेन्द्र पाण्डेय ने कभी समाजवाद की डगर से अलग नहीं हुए। अपनी इस बौद्धिक यात्रा में वे मार्क्स से टकराते हुए बरास्ते जेपी, लोहिया और गांधी के विचारों को ज्यादा मानवीय और व्यावहारिक बताते हुए उसे नई आधारभूमि प्रदान करते रहे। श्री शर्मा ने कहा कि साल 2021 में गांधी जयन्ती पर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने स्व. जितेन्द्र पाण्डेय को डॉ लोहिया सप्तक्रान्ति अवार्ड से सम्मानित किया था। श्री शर्मा ने कहा कि नई पीढी इन समसामयिक चुनौतियों से अपने-अपने सामर्थ्य की सीमा में लड़ने का प्रयास करते रहना चाहिए। वरिष्ठ कांग्रेस नेता शिवशंकर शुक्ला ने कहा कि जितेन्द्र पाण्डेय के निधन से समाज में एक वैचारिक शून्यता सी कायम हो गई है। वह समाजवाद के मनीषी चिन्तक थे। वह तब तक प्रासंगिक बने रहेंगे जब तक समाज में विषमता कायम रहेगी। अंत में स्व. जितेन्द्र पाण्डेय की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इस मौके पर विनय कुमार सिंह, पाटेश्वरी प्रसाद, मृत्युंजय शर्मा, मनीष खेतान, सत्यवान वर्मा, आयुष यादव, मनीष सिंह, राजेश यादव, संतोष शुक्ला, रामू वर्मा, राकेश शर्मा, सियाराम वर्मा, अंकित शर्मा, साकेत संत मौर्य, सभासद शिवा शर्मा आदि कई लोग मौजूद रहे।


