मुकदमा दर्ज कराने के लिए भटक रही रूखसाना

मुकदमा दर्ज कराने के लिए भटक रही रूखसाना

 

दो माह पूर्व लाखों के आभूषण और नगदी चुरा ले गये थे चोर, मिल रहा सिर्फ आश्वासन

कथनी_करनी_न्यूज
बाराबंकी। टिकैत नगर थाना क्षेत्र में दो माह पूर्व हुई लाखों की चोरी का मुकदमा दर्ज कराने के लिए पीड़िता रूखसाना अधिकारियो के कार्यालय के चक्कर काट रही है। जहां पुलिस जांच पड़ताल के नाम पर सिर्फ कागजी खाना पूर्ति कर रही है, तो पीड़िता को परेशान भी कर रही है। वहीं दूसरी तरफ पीड़िता न्याय के लिए दर-दर भटकना जारी है। जानकारी के अनुसार कोतवाली टिकैतनगर क्षेत्र के ग्राम खेतासरांय निवासिनी रूखसाना पत्नी मो. जाबिर के घर में बीती 17 अप्रैल की रात को अज्ञात चोरों ने घर में घुस करके लाखों रूपये के आभूषण, कपड़े और एक लाख 10 हजार रूपये की नकदी चोरी करके रफ्फू चक्कर हो गये। अगले दिन 18 अप्रैल की भोर पीड़िता को घटना की जानकारी हुई तो वह घटना का मुकदमा दर्ज कराने के लिए पहले स्थानीय पुलिस चौकी में तहरीर देने पर कार्रवाई नही होने के बाद थाना टिकैतनगर में जाकर लिखित शिकायत की। थाना प्रभारी ने जांच कर चोरी का मुकदमा दर्ज करने का आश्वासन दिया। एक पखवारा बीत गया लेकिन पुलिस जांच करती रही।पीड़िता नें बताया कि बीती मई माह में जब उसकी बेटियां एक शादी में गई तो कुछ आभूषण पहने दो युवतियों को देखा। बेटियों के फोन पर जब उस शादी में पहुंची तो दोनों युवतियाँ वहाँ से नदारद हो चुकी थी, इसकी जानकारी पुलिस को दी तो पुलिस नें आश्वासन देकर मामले को दबा दिया।

 

जनसुनवाई पोर्टल बना मजाक

 

थाना टिकैतनगर के ग्राम खेतासरांय निवासिनी रूखसाना पत्नी मो. जाविर ने एक शिकायती पत्र मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल में भी की थी, उक्त शिकायती पत्र मिलने के बाद पुलिस की कार्यशैली ही कटघरे में आ गयी। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस द्वारा जो आख्या रिपोर्ट लगाई गई है। पीड़िता का कहना था कि उसने मुख्यमंत्री पोर्टल पर खेतसरांय निवासी पर चोरी का आरोप लगाया था। लेकिन टिकैतनगर पुलिस ने आईजीआरएस पोर्टल को मजाक बनाकर रख दिया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने जो आख्या रिपोर्ट लगाई है। जिसमें उन्होंने गांव की निवासी के घर की जांच पड़ताल की जिसकी एक वर्ष पूर्व हो चुकी थी। जबकि वो व्यक्ति अभी जीवित हैं और गांव में मौजूद हैं। पीड़िता का यह भी कहना था कि थाना टिकैत नगर पुलिस जान बूझकर आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है। वहीं दूसरी तरफ इस सम्बन्ध में जब थाना प्रभारी टिकैत नगर से जानकारी की गयी तो उनका कहना था कि जांच उसी के घर की ही की गयी थी लेकिन कम्प्यूटर टाइपिंग में गलत नाम दर्ज हो गया। यह प्रिंटिंग मिस्टेक है। कुल मिलाकर टिकैतनगर पुलिस चोरी का मुकदमा दर्ज करना जैसे जानती ही नहीं है। घटना का खुलासा व चोरों की गिरफ्तारी की बात तो दूर की रही।

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