घाघरा तटबंध पर प्रशासन ने किया मॉक ड्रिल नाव पलटने, लोगों के डूबने और पशुओं के फंसने का हुआ रेस्क्यू

घाघरा तटबंध पर प्रशासन ने किया मॉक ड्रिल

नाव पलटने, लोगों के डूबने और पशुओं के फंसने का हुआ रेस्क्यू

 

कथनी_करनी_न्यूज
बाराबंकी। बाढ़ अपादा जैसे संकट से निपटने के लिए रामसनेहीघाट तहसील प्रशासन ने बृहस्पतिवार को कोयलावर-खेरी तटबंध पर व्यापक आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल किया। इस अभ्यास के दौरान बाढ़ जैसी आपात की स्थित में राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों को परखा गया।
मॉक ड्रिल में नदी में नाव पलटने या लोगों के डूबने से लेकर पशुओं के पानी में फंसने तथा बाढ़ से उत्पन्न अन्य आपात स्थितियों का वास्तविक प्रदर्शन हुआ। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीमों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लोगों और पशुओं को सुरक्षित निकालने का अभ्यास किया। इस दौरान विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और संसाधनों की उपलब्धता की जांच की गई।
उपजिलाधिकारी अनुराग सिंह के नेतृत्व में आयोजित मॉकड्रिल में क्षेत्राधिकारी जटाशंकर मिश्र, राजस्व विभाग, पुलिस, आपदा प्रबंधन विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके पर राहत एवं बचाव उपकरणों का निरीक्षण कर उनकी उपयोगिता का आकलन किया।
एसडीएम अनुराग सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य बाढ़ से पहले राहत एवं बचाव तंत्र की तैयारियों का परीक्षण करने के साथ संभावित कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करना तथा आपदा के समय जनहानि और नुकसान को कम करना है। प्रशासन का प्रयास है कि किसी भी संकट की स्थिति में प्रभावित लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके। इस मॉकड्रिल में राजस्व प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, आपदा मित्र एवं सिविल डिफेन्स के वालिंटियर्स ने सक्रिय भूमिका निभाई।

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