प्रसिद्ध चिकित्सकों की हड़ियाकोल में मानव सेवा बनी मिसाल
चार दशकों से लगातार पहुँच रहे चिकित्सकों ने शुरू किया मरीजों का उपचार
कथनी_करनी न्यूज़
बाराबंकी। श्रीराम वन कुटीर आश्रम हड़ियाकोल में चल रहे निस्वार्थ सेवा के महाकुम्भ में जाने-माने चिकित्सक मानव सेवा की मिसाल बन चुके है। 1990 से निरन्तर आ रहे रोहतक स्वास्थ्य विश्वविद्यालय (हरियाणा) के डॉ. रमेश हुड्डा, डॉ. उम्मेद सिंह खत्री ने मरीजों की ओपीडी का काम सम्भाल लिया है। डॉ. रमेश हुड्डा ने सोमवार को बड़ी संख्या में मरीजों की ओपीडी की तथा आपरेशन के पात्र मरीजों को भर्ती किया। एशिया के महान नेत्र सर्जन डॉ. जैकब प्रभाकर जालंधर (पंजाब) की टीम ने बड़ी संख्या में आपरेशन किये। डॉ. जैकब प्रभाकर की टीम में डॉ. अन्शु खत्री नेत्र सर्जन, डॉ. साक्षी खत्री नेत्र सर्जन ऋषिकेश उत्तराखण्ड भी आपरेशन करने में शामिल रहे। आश्रम के सेवादार मनीष मेहरोत्रा ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की भाँति इन्दिरा गाँधी इन्स्टीट्यूट पैरामैडिकल साइन्स मुन्शीगंज अमेठी उ0प्र0 के बीएससी आपट्रोमेट्री (नेत्र सहायक) की पढ़ाई कर रहे 13 बच्चे इस शिविर में आकर अपनी निःशुल्क सेवायें प्रदान कर रहे हैं। इन बच्चों में शुभी सिंह, पारूल मौर्या, साक्षी दीक्षित, अंकिता दुबे, खुशबू, लक्ष्मी, मो. ताहिर, हरीश अग्रहरी, मनीष शुक्ला, शुभम कुमार, सचिन, विपिन, सभी मरीजों के वीजन, कार्निया, केट्रोमीटर लेन्स की पावर जाँच कर रहे हैं। यही बच्चे डॉ. जैकब प्रभाकर को आपरेशन थियेटर में सहयोग प्रदान कर रहे हैं। नेत्र सहायक की पढ़ाई कर रहे मो. ताहिर जिला बस्ती का कहना है कि दो वर्षों से मेरे कॉलेज से यहाँ पर बच्चे आकर अपनी सेवायें दे रहे हैं। ऐसा आयोजन हम लोगों ने अपने जीवन में नहीं देखा है। इस शिविर में पूर्व में जिन बच्चों ने अपनी सेवायें दी हैं। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन लोगों को अच्छे संस्थानों में नौकरी प्राप्त हो गयी है। मेरे कॉलेज में होड़ लगी रहती है कि इस शिविर में हमें भी जाने का मौका मिले। 20 वर्षों से निरन्तर गुड़गाँव हरियाणा से रिटायर्ड सरकारी कर्मी राजेन्द्र सोनी अपने भाई महेन्द्र सोनी बेटे अवधेश सोनी, आशीष सोनी के साथ आकर ओपीडी में सहयोग प्रदान कर रहे हैं। रविवार को आपरेशन किए हुए सभी मरीजों को डिस्चार्ज किया जा चुका है।


