बौद्धिष्ट यूनिवर्सिटी के सीनियर छात्र की पिटाई, वार्डन निष्कासित
कथनी_करनी न्यूज़
बाराबंकी। बौद्धिस्ट यूनिवर्सिटी के वार्डन द्वारा मामूली बात पर यहां के छात्र-छात्राओं से साथ अभद्रता पूर्ण व्यवहार और डंडो से पिटाई किए जाने से कैम्पस में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियो की मध्यस्ता के बाद यूनिवर्सिटी द्वारा वार्डेन पर निष्काषन की कार्रवाई से विरोध कर रहे छात्रों का गुस्सा शांत हुआ।
नगर कोतवाली क्षेत्र में ग्राम पंचायत गदिया स्थित बौद्धिष्ट यूनिवर्सिटी (मेयो हॉस्पिटल) के प्रशासन के खिलाफ छात्र-छात्राओं में आक्रोश व्याप्त हो गया। बसंत पंचमी के दिन कॉलेज में माँ सरस्वती के पूजा-अर्चना कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कैम्पस के भीतर स्थित आरएनटी हॉस्टल में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी के के बाद इंटर्नशिप करने वाले करीब 150 स्टूडेंट रहते है। शुक्रवार सवेरे हॉस्टल में पानी नहीं आने पर छात्रों ने शिकायत की। जिसके बाद वार्डेन रोहित सिंह ने पंचिंग करने को कहा। जिसके बाद एक इंटर्नशिप कर रहा आरएनटी कैम्पस का प्रभाकर विश्वास छात्र जब नहा कर आया तो वार्डन रोहित सिंह ने उससे गालियां देते हुए अभद्रता की गई। वरिष्ठ छात्र द्वारा विरोध किए जाने पर रोहित सिंह ने अपने साथी कार्मियों के साथ गालियां देते हुए लाठी डंडो से जमकर पिटाई शुरू कर दी। इस पिटाई के दौरान प्रभाकर का मोबाइल भी क्षतिग्रस्त हो गया। प्रभाकर की पिटाई के दौरान कुछ छात्रों द्वारा बनाया गया वीडियो वायरल होने के बाद सीनियर छात्रों में आक्रोश व्याप्त हो गया। छात्रों की भीड़ देखकर वार्डन रोहित सिंह गर्ल्स हॉस्टल में जा छुपा। यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा उसे पीछे के रास्ते से बाहर कर दिया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नगर सहमंत्री आदर्श पाण्डेय ने छात्रों के समर्थन में उतरते हुए उपजिलाधिकारी और नगर कोतवाल को सूचना दी। सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी सदर, क्षेत्राधिकारी नगर और नगर कोतवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बौद्धिष्ट यूनिवर्सिटी (मेयो हॉस्पिटल) के गेट पर एकत्रित छात्रों से उनका पक्ष जाना, छात्र-छात्राओं ने बताया कि छुट्टी मांगने या कैम्पस के बाहर जाने की दशा में छात्राओं तक से अभद्र शब्दों का प्रयोग और व्यवहार किया जाता है, आज सीनियर छात्र की डंडो से पिटाई की गई। उपजिलाधिकारी और सीओ सिटी ने पिटाई का वायरल वीडियो और छात्रों की शिकायत के विषय में विश्वविद्यालय प्रबंधन से बात की। जिसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अपनी गलती को सुधारते हुए वार्डन रोहित सिंह को निष्कासित करते हुए कड़ी कार्रवाई का वादा किया। विश्वविद्यालय और उपजिलाधिकारी के आश्वासन पर छात्रों द्वारा प्रदर्शन को समाप्त किया गया।


