गैर अनुदानित स्टॉक मिलने पर होंगी कार्रवाई : राजित राम
“धरती माता बचाओ अभियान” के तहत कृभको के साथ कृषि अधिकारियों बैठक, दिए निर्देश
कथनी_करनी न्यूज़
बाराबंकी। शासन द्वारा यूरिया आपूर्ति करने वाली समस्त संस्थाओं को अनुदानित उर्वरकों की आपूर्ति एवं बिक्री हेतु दी गयी अनुमति को छोड़कर उर्वरक विक्रय प्राधिकार-पत्र में अंकित अन्य समस्त गैर अनुदानित उत्पादों की आपूर्ति एवं बिक्री पर प्रतिबन्ध लगाये। लिये गये निर्णय के क्रम मे उर्वरक विक्रेताओं की जिला कृषि अधिकारी ने बैठक की। बैठक में सख्त निर्देश दिया गया कि अनुदानित उर्वरक के साथ कोई भी गैर अनुदानित स्टाक न प्राप्त किया जाए न ही आपूर्ति हो। यदि किसी गोदाम में कोई भी गैर अनुदानित स्टाक उपलब्ध हो तो उसे तत्काल कम्पनी को वापस कर दे। फुटकर विक्रेताओं को भी निर्देश दिया गया कि यदि कोई विक्रेता गैर अनुदानित उत्पाद की टैगिंग करें तो तत्काल सूचित करें। इसके अतिरिक्त ऐसे विक्रेता जिनके द्वारा केवल पेस्टीसाइड के साथ-साथ जिंक, सल्फर, माइक्रो, टॉनिक, जैव उर्वरक, पीजीआर, बायोस्टूमिलेन्ट/प्लान्ट स्टूमिलेन्ट की व्यवसाय किया जा रहा है, उन्हें भी सख्त निर्देश दिया गया कि किसी भी गैर अनुदानित उर्वरक की बिक्री अनुदानित उर्वरक के साथ न होने पाये, जिस कम्पनी की उनके पास डीलरशिप है, उसका फार्म ओ उनके विक्रय प्राधिकार-पत्र पर अवश्य अंकन होना जरुरी है। किसी भी कम्पनी का बायोस्टूमिलेन्ट उत्पाद बिना ए-2 के विक्रय नहीं करेगें। प्रतिष्ठान में उपलब्ध जिंक, सल्फर माइक्रो, टॉनिक आदि समस्त स्टाक का रेट/स्टाक बोर्ड प्रदर्शित करेगें तथा इससे सम्बन्धित स्टाक/बिक्री रजिस्टर अद्यतन पूर्ण करेगें। किसी भी कम्पनी का जिंक सल्फर माइक्रो आदि प्राप्त होने पर उसकी तत्काल सूचना जिला कृषि अधिकारी को उपलब्ध करायेगें, ताकि उसका गुणवत्ता परीक्षण कराया जा सकें। निरीक्षण/जांच के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता पाये जाने सम्बन्धित के विरूद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
कृषक भारती को-ऑपरेटिव लिमिटेड के क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ द्वारा विकास भवन के स्वर्ण जयन्ती सभागार में विक्रेता संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राजित राम, जिला कृषि अधिकारी रहें। गोष्ठी में क्षेत्राधिकारी कृभकों राहुल सिंह एवं राजकुमार, क्षेत्राधिकारी-इफको के साथ-साथ जनपद के काफी संख्या में उर्वरक विक्रेता उपस्थित रहें। जिसमें कृभकों को मिट्टी परीक्षण के लिए जागरूक करते हुए बताया कि कृभकों द्वारा निःशुल्क मृदा परीक्षण करायी जाती है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को सन्तुलित उर्वरक का प्रयोग इत्यादित विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उन्नति तकनीकी की जानकारी अवगत कराना, खेत की स्थिति में सुधार के लिए रसायनिक उर्वरक के विवेकपूर्ण उपयोग की सलाह दी। धरती माता बचाओं अभियान के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। किसानों को मृदा परीक्षण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, मिट्टी में सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के बारें में चर्चा हुई।
“धरती माता बचाओ अभियान” के तहत कृभको के साथ कृषि अधिकारियों बैठक, दिए निर्देश
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बाराबंकी। शासन द्वारा यूरिया आपूर्ति करने वाली समस्त संस्थाओं को अनुदानित उर्वरकों की आपूर्ति एवं बिक्री हेतु दी गयी अनुमति को छोड़कर उर्वरक विक्रय प्राधिकार-पत्र में अंकित अन्य समस्त गैर अनुदानित उत्पादों की आपूर्ति एवं बिक्री पर प्रतिबन्ध लगाये। लिये गये निर्णय के क्रम मे उर्वरक विक्रेताओं की जिला कृषि अधिकारी ने बैठक की। बैठक में सख्त निर्देश दिया गया कि अनुदानित उर्वरक के साथ कोई भी गैर अनुदानित स्टाक न प्राप्त किया जाए न ही आपूर्ति हो। यदि किसी गोदाम में कोई भी गैर अनुदानित स्टाक उपलब्ध हो तो उसे तत्काल कम्पनी को वापस कर दे। फुटकर विक्रेताओं को भी निर्देश दिया गया कि यदि कोई विक्रेता गैर अनुदानित उत्पाद की टैगिंग करें तो तत्काल सूचित करें। इसके अतिरिक्त ऐसे विक्रेता जिनके द्वारा केवल पेस्टीसाइड के साथ-साथ जिंक, सल्फर, माइक्रो, टॉनिक, जैव उर्वरक, पीजीआर, बायोस्टूमिलेन्ट/प्लान्ट स्टूमिलेन्ट की व्यवसाय किया जा रहा है, उन्हें भी सख्त निर्देश दिया गया कि किसी भी गैर अनुदानित उर्वरक की बिक्री अनुदानित उर्वरक के साथ न होने पाये, जिस कम्पनी की उनके पास डीलरशिप है, उसका फार्म ओ उनके विक्रय प्राधिकार-पत्र पर अवश्य अंकन होना जरुरी है। किसी भी कम्पनी का बायोस्टूमिलेन्ट उत्पाद बिना ए-2 के विक्रय नहीं करेगें। प्रतिष्ठान में उपलब्ध जिंक, सल्फर माइक्रो, टॉनिक आदि समस्त स्टाक का रेट/स्टाक बोर्ड प्रदर्शित करेगें तथा इससे सम्बन्धित स्टाक/बिक्री रजिस्टर अद्यतन पूर्ण करेगें। किसी भी कम्पनी का जिंक सल्फर माइक्रो आदि प्राप्त होने पर उसकी तत्काल सूचना जिला कृषि अधिकारी को उपलब्ध करायेगें, ताकि उसका गुणवत्ता परीक्षण कराया जा सकें। निरीक्षण/जांच के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता पाये जाने सम्बन्धित के विरूद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
कृषक भारती को-ऑपरेटिव लिमिटेड के क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ द्वारा विकास भवन के स्वर्ण जयन्ती सभागार में विक्रेता संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राजित राम, जिला कृषि अधिकारी रहें। गोष्ठी में क्षेत्राधिकारी कृभकों राहुल सिंह एवं राजकुमार, क्षेत्राधिकारी-इफको के साथ-साथ जनपद के काफी संख्या में उर्वरक विक्रेता उपस्थित रहें। जिसमें कृभकों को मिट्टी परीक्षण के लिए जागरूक करते हुए बताया कि कृभकों द्वारा निःशुल्क मृदा परीक्षण करायी जाती है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को सन्तुलित उर्वरक का प्रयोग इत्यादित विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उन्नति तकनीकी की जानकारी अवगत कराना, खेत की स्थिति में सुधार के लिए रसायनिक उर्वरक के विवेकपूर्ण उपयोग की सलाह दी। धरती माता बचाओं अभियान के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। किसानों को मृदा परीक्षण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, मिट्टी में सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के बारें में चर्चा हुई।


