औषधि निरीक्षक की फार्मेसी व मेडिकल स्टोर्स पर छापेमारी
प्रतिबंधित, नकली और नारकोटिक्स औषधियों के रोकथाम हेतु चलाया गया अभियान
कथनी_करनी न्यूज़
बाराबंकी। जिले में गुप्त नशे के सौदागरो द्वारा नशीली दवाओं की बिक्री को प्रशासन के लिए चुनौती साबित हो रहा है। ये ऐसे नशे है जिसको करने वालो के पास से किसी प्रकार की दुर्गन्ध नहीं उनके अचारण से पहचान की जा सकती है।जिस पर लगाम लगाने के लिए आयुक्त, खाद्य एवं औषधि प्रशासन उ. प्र. व जिलाधिकारी ने ठोस कदम उठाने की दिशा में निर्देश जारी किए है।
जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में औषधि निरीक्षक राजिया बानो द्वारा प्रतिबंधित, नकली और नारकोटिक्स औषधियों को अनाधिकृत व्यक्तियों द्वारा की जा रही बिक्री की रोकथाम को लेकर लगातार अभियान चलाकर जनपद में फार्मेसी व मेडिकल स्टोर्स का लगातार छापामारी करके जाँच की जा रही है। जिसमे जनपद के सूरतगंज स्थित नेशनल मेडिकल स्टोर, चंदौली स्थित एस एस मेडिकल स्टोर, फतेहपुर स्थित मंशाराम फार्मेसी, जहांगीराबाद स्थित वर्मा ड्रग स्टोर एवं सूरतगंज मेन चौराहा स्थित विंध्यवासिनी मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया गया।
विक्रय की जाने वाली औषधियों में से चार (04) औषधि का नमूना संग्रहित कर जांच एवं विश्लेषण हेतु प्रयोगशाला भेजा गया। औषधि निरीक्षक राजिया बानो द्वारा प्रतिबन्धित, नकली और नारकोटिक्स सम्बंधित दवाओं की तलाशी की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोरो पर शिडयुल एच-1 का रजिस्टर, फार्मासिस्ट की उपस्थिति एवं नारकोटिक्स औषधियों की जांच वं औषधियों की क्रय विक्रय रिकार्ड की सघन जांच की गयी।
इनमे कुल 04 औषधियों के नमूने संग्रहीत किये है, जिनकी जाँच के लिए राजकीय जनविष्लेषक प्रयोगशाला आगरा भेजा जा रहा है। जॉच रिपोर्ट प्राप्त होने पर सम्बन्धित के विरूद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। साथ हीं सभी केमिस्ट को यह अवगत कराया गया कि बिना चिकित्सक पर्चे के सिरप का विक्रय न करें।
साथ ही सूरतगंज स्थित विंध्यवासिनी मेडिकल स्टोर को बिना फार्मासिस्ट के औषधियों का क्रय विक्रय किया जा रहा था। जिसको फार्मासिस्ट के सत्यापन कराने तक शिड्यूल औषधियों के तत्काल प्रभाव से औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 की धारा 22(1)(d) ke तहत क्रय-विक्रय पर रोक लगाई है।


