न्याय के एक मंदिर का उत्सव मनाने हम एकत्र हुए : चीफ जस्टिस
इलाहबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने किया रिकॉर्ड रूम का उद्घाटन
कथनी_करनी न्यूज़
बाराबंकी। दीवानी न्यायालय आज उस ऐतिहासिक पल का साक्षी बना। जब माननीय न्यायमूर्ति अरुण भंसाली, मुख्य न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय, इलाहाबाद, की गौरवमई उपस्थिति में जनपद न्यायालय बाराबंकी में नवनिर्मित रिकॉर्ड रूम और 13 कोर्ट बिल्डिंग का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर माननीय न्यायमूर्ति मनीष कुमार, न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ पीठ एवं प्रशासनिक न्यायाधीश, बाराबंकी मनजीत सिंह शेओरण, रजिस्ट्रार जनरल, इलाहाबाद हाई कोर्ट, इलाहाबाद राकेश कुमार त्रिपाठी, वरिष्ठ रजिस्ट्रार, इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ पीठ, दिनेश सिंह, प्रमुख सचिव (विधि) एवं एल.आर., लखनऊ, प्रतिमा श्रीवास्तव, जनपद न्यायाधीश,अल्पना सक्सैना, पीओ एमएसीटी, वंदना सिंह, प्रिंसिपल जज, फैमिली कोर्ट, बाराबंकी समेत सभी न्यायिक अधिकारीगण, माननीय उच्च न्यायालय के अधिकारीगण, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, महामंत्री एवं सदस्यगण, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारीगण, निर्माण एजेंसी के अधिकारीगण, अन्य अधिवक्तागण, कर्मचारीगण, पत्रकारगण उपस्थित रहे।
माननीय न्यायमूर्ति अरुण भंसाली, मुख्य न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय, इलाहाबाद, न्यायमूर्ति मनीष कुमार, न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ पीठ और प्रशासनिक न्यायाधीश, बाराबंकी के द्वारा दीप प्रज्वलित किया गया। इसके उपरांत जनपद न्यायाधीश बाराबंकी व अन्य न्यायिक अधिकारीगण के द्वारा उपस्थित सभी अतिथियों को पुष्पगुच्छ व जीवित पौधा देकर उनका स्वागत व अभिनन्दन किया गया।
अभिनन्दन समारोह के पश्चात् जिला न्यायाधीश, बाराबंकी के द्वारा कथन किया गया कि आज का दिन केवल एक उद्घाटन समारोह नहीं है यह न्याय की नई ऊर्जा, नई सोच और नई संरचना का पावन आरंभ है। जनपद न्यायालय बाराबंकी के इतिहास में यह दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। भविष्य की ओर न्याय के उज्ज्वल पथ पर आज का यह शुभ अवसर हमें प्रेरणा देता है कि हम न्याय प्रक्रिया को और अधिक सशक्त और अधिक पारदर्शी और अधिक मानव-केंद्रित बनाएँ। हमारा लक्ष्य है प्रत्येक नागरिक को यह विश्वास दिलाना कि न्यायालय है, तो न्याय अवश्य मिलेगा। अवसर को एैतिहासिक और अपनी गरिमामयी उपस्थिति के लिए समय देने हेतु आये हुये सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुये कार्यक्रम का विधिवत प्रारम्भ करने के लिए निर्देशित किया गया।
माननीय न्यायमूर्ति अरुण भंसाली, मुख्य न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय, इलाहाबाद, के द्वारा पर्दा अनावरण करके नवनिर्मित रिकॉर्ड रूम और 13 न्यायालय भवन के औपचारिक उद्घाटन किया। जिसके बाद उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज हम केवल ईंट और पत्थर की एक संरचना का उद्घाटन करने के लिए ही नहीं, बल्कि न्याय के एक मंदिर का उत्सव मनाने के लिए भी एकत्र हुए हैं, जो आने वाली पीढ़ियों की सेवा करेगा। न्याय व्यवस्था जन विश्वास की आत्मा है। न्यायालय केवल एक संस्था नहीं यह जन-आस्था का भी केंद्र है। नए भवनों के निर्माण से हम केवल ढाँचे नहीं बना रहे, हम न्याय के मार्ग को अधिक उज्ज्वल, सुगम और प्रभावी बना रहे हैं। न्याय की गरिमा तभी पूर्ण होती है जब न्याय सुलभ हो, समय पर हो और सबके लिए समान हो। ये 13 नवनिर्मित भवन जो केवल ईंट-पत्थरों से निर्मित नहीं, बल्कि कानून का सम्मान, न्याय की प्रतिष्ठा और नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा के संकल्प से निर्मित हैं। ये नए न्यायालय भवन तेज, सुलभ और प्रभावी न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, बढ़ते वादभार को संभालने में सक्षम हैं, आधुनिक सुविधाओं से युक्त हैं, जो न्यायिक कार्य को और अधिक सुगम एवं पारदर्शी बनाएँगे। उद्घाटन होने वाला रिकॉर्ड रूम केवल फाइलों का संग्रह कक्ष नहीं, बल्कि न्यायिक धरोहर का संरक्षक है। यहाँ संकलित हर फाइल, हर आदेश, हर निर्णय, न्यायालय की निष्ठा, गंभीरता और पारदर्शिता का प्रमाण है। नए रिकॉर्ड रूम में डिजिटलीकरण को ध्यान में रखते हुए आधुनिक व्यवस्था, सुरक्षित संरचना, दस्तावेज़ों की त्वरित उपलब्धता हेतु बेहतर प्रबंधन प्रणाली उपलब्ध है। यह जनपद न्यायालय की संगठित, सुरक्षित और तकनीक-संवलित न्याय व्यवस्था की ओर एक बड़ा कदम है।
माननीय न्यायमूर्ति मनीष कुमार, प्रशासनिक न्यायाधीश, बाराबंकी के द्वारा लोगों को संबोधित करते हुये कहा गया कि नए न्यायालय भवन और रिकॉर्ड रूम का उद्घाटन, यह एक ऐसा मील का पत्थर है जो न्याय, दक्षता और सुगमता के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। जनपद न्यायालय बाराबंकी की प्रगति में यहाँ के अधिवक्ता साथियों और हमारे न्यायालय कर्मियों ने हमेशा अपनी निष्ठा, परिश्रम और समर्पण का सर्वाेत्तम योगदान दिया है। न्यायिका के इस पवित्र मन्दिर में आप सभी के प्रयास ही इसे जीवंत, जागृत और जनकल्याणकारी बनाए रखते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य गणमान्य लोगो के द्वारा अपने विचार प्रकट किये गये।
इसके पश्चात् उपस्थित अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर इस पल को सदा सर्वदा के लिए यादों के रूप में संजोया गया।
विनय कुमार सिंह एडीजे 1, बाराबंकी के द्वारा धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उपस्थिति एवं इस पल को जीवन्त करने के लिए सभी का औपचारिक रूप से आभार व्यक्त किया गया साथ ही सभी अतिथिगणों, माननीय जनों और उपस्थित साथियों का कोटि-कोटि धन्यवाद देता हूँ कि आपके आशीर्वाद, आपके सहयोग और आपके विश्वास से ही जनपद न्यायालय बाराबंकी न्याय के इस पवित्र पथ पर और भी अधिक दृढ़ता और प्रकाश के साथ आगे बढ़ता रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों के द्वारा राष्ट्रगान गया। मंच संचालन प्राची अग्रवाल, एसीजेएम बाराबंकी और श्रद्धा लाल, एसीजेएम बाराबंकी के द्वारा किया गया।