अवल अल्लाह नूर उपाया, कुदरत के सब बंदे
विशेष दीवान मे अमृतसर से आये भाई अमृतपाल सिंह व साथियो द्वारा किया गया कीर्तन-गायन
श्री गुरु नानक देव महाराज के प्रकाश पर्व पर देर रात्रि गुरुद्धारा परिसर में हुई आतिशबाजी
कथनी_करनी न्यूज़
बाराबंकी। लाजपत नगर स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के तत्वाधान में सिक्खां के प्रथम गुरु धन-धन श्री गुरु नानक देव जी महाराज का प्रकाशोत्सव बड़े ही धूम-धाम से मनाया गया। गुरुमुख बच्चियो द्वारा विशेष दीवान सजाकर कीर्तन-जस गायन किया गया। इसके उपरान्त स्थानीय हजूरी रागी जत्था भाई तीरथ सिंह व साथियो द्वारा ‘गुर सिखमन बधाईया जिनि मेरा सतगुर धिता राम राजय, कोइ कर गल सुनावे हर नाम की सो लगाये गुरु सीख मन मिदे, सिधय बोलन चुभ वचन धन नानक तेरी बडी कमाई शब्द कीर्तन किया गया। गुरुमत समागम मे विशेष रुप से अमृतसर से आये ज्ञानी भाई अमृतपाल सिंह एवं उनकें साथियों द्वारा ‘अवल अल्लाह नूर उपाया, कुदरत के सब बंदे, एक नूर तें सब जग उपजिया, कौन भले को मंदें, शब्द कीर्तन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके अतिरिक्त सतगुर नानक प्रगटिआ मिटी धुंध जग चानण होआ, कल तारन गुरु नानक आया, ‘एक सुनी पुकार दातार प्रभ गुरुनानक जग माहे पठाया’’, ‘‘हले यारा हले यारा खुशखबरी, बल-बल जाऊ‘‘ ‘‘एक बाबा बाबा अकाल रुप दूजा रबाबी मरदाना’’ आदि शबद कीर्तन कर साध संगत को गुरु चरणो के साथ जोडा। इसके अलावा गुरु नानक देव जी के जीवन इतिहास से जुड़ी कथाओ का भी गुरुमत समागम में बखान किया गया। गुरु जी के उपदेशो पर चलने एवं रहतां के बारे मे भी बताया गया। समाप्ति के उपरान्त सभी धर्मो के श्रद्धालुओ ने पकि्ंत में एक साथ बैठकर गुरु का लंगर ग्रहण किया। शाम को रात्रि दीवान सजाकर अमृतपाल सिंह द्वारा गुरु की महिमा का बखान किया गया। उपरात अरदास चाय का लंगर सभी ने ग्रहण किया। तत्पश्चात गुरुद्धारा परिसर में आतिशबाजी की गयी। लाजपत नगर स्थित गुरुद्वारा में हुए प्रकाश पर्व में मुख्यरूप से सरदार भूपेंद्र सिंह, सरदार चरणजीत सिंह, सरदार अमरजीत सिंह, सुखविंदर सिंह, सरदार भूपेंद्र सिंह शैन्की महिलाएं, बच्चाे सहित तमाम भाजपा व सपा नेता और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

